दोस्तों आपको पता है कीबादाम खाने से सेहत को कई फायदे होते हैं जो सेहत के लिए बहुत फायदे होते हैऐसा कहा जाता है कि बादाम को हमेशा भिगोकर खाना चाहिए क्योंकि कच्चे बादाम या उसके छिलकों में जहर होaता है, क्या यह सच है या एक मिथक? इस बारे
अगर दोस्तों आप बादाम और अखरोट दुनियाभर में खाए जाने वाले सबसे फेमस नट्स में से हैं। यह पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं और इनके सेवन से सेहत को अनगिनत लाभ पहुंचते हैं। यह दोनों ही नट्स मोटे और कड़क छिलकों के साथ आते हैं। छिलके तोड़कर ही बादाम और अखरोट को खाया जाता है। मोटा छिलका हटाने के बाद भी बादाम और अखरोट के ऊपर एक पतला छिलका होता है।
आप को पता है की बादाम और अखरोट में होता है जहर.
दोस्तों आपको पता है की डॉक्टर के अनुसार, बहुत लोग ऐसा मानते हैं कि अखरोट और बादाम के छिलकों में जहर भरा होता है और इन्हें कच्चा खाने से बचना चाहिए। डॉक्टर के मुताबिक बताया गया है कि बादाम और अखरोट के छिलकों में जहर नहीं होता है बल्कि एक यौगिक में फाइटिक एसिड (Phytic acid) होता है
फाइटिक एसिड (Phytic acid) क्या है?
दोस्तों फाइटिक एसिड एक यौगिक होता है। जैसे बादाम और अखरोट में पाया जाता है में पाए जाने वाले यह यौगिक नट्स को अगर दोस्तों पर्यावरण से होने वाले नुकसान से उन्हें बचाना है लेकिन यह इंसान के लिए जहर की तरह काम नहीं करता है।
दोस्तों आप बादाम को भिगोकर खाने का मतलब जहर कम करना नहीं।
अगर दोस्तों आपको पता है की बादाम या अखरोट को भिगोकर या छिलके उतारकर खाने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि ऐसा करने से हमने उनका टॉक्सिन हटा दिया है। ऐसा करने का सिर्फ एक मतलब होता है कि फाइटिक एसिड की मात्रा कम करना।
बादाम और अखरोट खाने का सही तरीक।
फाइटिक एसिड शरीर में विटामिन और मिनरल्स के अवशोषण को बाधित करता है और यही वजह है कि इन चीजों को हमेशा भिगोकर अगली सुबह खाने की सलाह दी जाती है दोस्तों आप को इसकी मात्रा को कम किया जा सके।
बिना भीगे बादाम खाने से नुकसान है.
आप को पता है की अगर आप बादाम या अखरोट को भिगोकर भी नहीं खा रहे, तो इसका मतलब यह नहीं है कि इनमें पाए जाने वाले फाइटिक एसिड शरीर के अंदर जाता है तो वह जहर का काम करता है । बस इसका यह नुकसान है कि आपने अन्य फूड्स से जो मिनरल्स या विटामिन मिलता है उन्हें अवशोषित होने से रोकने का काम करेगा।