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गति का प्रथम नियम (Newton’s First Law)
गति का प्रथम नियम को जड़त्व का नियम (Law of Inertia) भी कहते हैं। यह नियम बताता है कि कोई भी वस्तु अपनी स्थिति तब तक नहीं बदलती जब तक उस पर बाहर से कोई बल (force) न लगाया जाए।
इस नियम के दो हिस्से होते हैं:
1. अगर कोई वस्तु स्थिर है (रुकी हुई है),
तो वह रुकी ही रहेगी, जब तक कोई उसे धक्का या खींच न दे।
2. अगर कोई वस्तु चल रही है,
तो वह चलती ही रहेगी, और उसी दिशा में, उसी गति से चलती रहेगी
जब तक कोई बल उसे रोक न दे मोड़ न दे या उसकी गति बदल न दे
इसी को जड़त्व (Inertia) कहते हैं — यानी वस्तुओं का अपने हाल में बने रहना।
उदाहरण
1. फुटबॉल का उदाहरण
एक फुटबॉल ज़मीन पर पड़ी रहती है।
क्या वह अपने-आप लुढ़कने लगती है?
नहीं!
क्योंकि वह रुकी रहने की आदत रखती है यानी जड़त्व।
जब आप पैर से धक्का मारते हैं, तब गेंद चलने लगती है।
अगर आप धक्का न मारें, तो वह हमेशा रुकी रहती।
यह हुआ प्रथम नियम का पहला हिस्सा।
2. चलती साइकिल का उदाहरण
जब आप साइकिल चला रहे होते हैं तो वह चलती रहती है।
अगर आप पैडल मारना बंद कर दें, तो कुछ देर बाद साइकिल रुक जाती है।
क्यों?
क्योंकि सड़क का घर्षण (friction) और हवा का प्रतिरोध (air resistance) उस पर बल लगाते हैं और उसे रोक देते हैं।
अगर घर्षण न होता, तो साइकिल हमेशा चलती रहती।
यह हुआ प्रथम नियम का दूसरा हिस्सा।
3. बस में झटका लगने का उदाहरण
जब बस अचानक रुकती है, तो हमारा शरीर आगे की ओर झटका खाता है।
क्योंकि हमारा शरीर चलती स्थिति में था और वही स्थिति बनाए रखना चाहता है।
जब बस तेज़ चल पड़े, तो हम पीछे की ओर झुकते हैं।
क्योंकि शरीर पहले रुका हुआ था और रुकने की स्थिति को ही बनाए रखना चाहता है।
यह भी जड़त्व का उदाहरण है।
छोटा और याद करने लायक वाक्य
“वस्तुएँ अपने हाल में रहना पसंद करती हैं —
रुकी हों तो रुकी रहती हैं,
चल रही हों तो चलती रहती हैं!”
यही है न्यूटन का प्रथम गति नियम
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